मध्य प्रदेश में इस रबी सीजन के दौरान किसानों ने चिया सीड्स की खेती में अधिक रुचि दिखाई है। इसके चलते चिया सीड्स की बोवनी का रकबा काफी बढ़ गया है, जबकि चने की फसल का रकबा कम हुआ है। पहले लगभग 30 से 40 प्रतिशत खेतों में चने की बुवाई की जाती थी, लेकिन इस वर्ष किसानों ने चने से दूरी बनाते हुए चिया सीड्स को प्राथमिकता दी है।
चने की जगह चिया सीड्स को प्राथमिकता
किसानों का कहना है कि चने की खेती में लागत काफी अधिक आती है। इसमें महंगे बीज और कीटनाशकों पर ज्यादा खर्च करना पड़ता है। इसके अलावा, मौसम में बार-बार होने वाले बदलाव और इल्लियों के प्रकोप के कारण भी लागत बढ़ जाती है, जिससे मुनाफा कम होने का डर रहता है।
चिया सीड्स की बढ़ती मांग
बाजार में आजकल चिया सीड्स के फायदों को लेकर जागरूकता बढ़ी है, जिसके कारण इसकी मांग भी लगातार बढ़ रही है। इसी बढ़ती मांग को देखते हुए किसानों ने चिया सीड्स की खेती को एक बेहतर विकल्प के रूप में अपनाया है।