चना, सरसों और मसूर खरीदी के पंजीयन अब 10 मार्च तक

समर्थन मूल्य पर चना, सरसों और मसूर बेचने के लिए किसानों के पंजीयन अब 10 मार्च तक हो सकेंगे। इससे पंजीयन से छूट गए किसान पंजीयन करा सकेंगे। साथ ही प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टर्स को किसानों की फसलों का रकबा दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए।

सरकार उनका एक-एक दाना खरीदेगी

यह जानकारी कृषि मंत्री कमल पटेल ने सर्किट हाउस में प्रेसवार्ता आयोजित कर दी। इस संबंध में आदेश भी जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि समर्थन मूल्य पर चना, सरसों मसूर की फसलों की खरीदी के लिए किसानों के पंजीयन करने की अंतिम तिथि 25 फरवरी तय की गई थी।

मीडिया से चर्चा दौरान कृषि मंत्री पटेल ने कहा कि प्रदेश में किसानों के लिए उनकी संवेदनशील सरकार है। उन्होंने किसानों से कहा कि उन्हें तनिक भी घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार उनका एक-एक दाना खरीदेगी।

पोर्टल में आई दिक्कतों को ठीक कर लिया गया है

कृषि मंत्री पटेल ने कहा कि केंद्र सरकार को भी राज्य सरकार ने पैदावार का 25 फीसद फसल खरीदी का प्रस्ताव भेज दिया है। जिसकी शीघ्र अनुमति प्रदेश को प्राप्त हो जाएगी।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में सरकार ने सरसों, राई, रायरा को सरसों प्रजाति में ही माना है, इसलिए किसानाें को बताना चाहता हूं कि जिन्होंने अपनी फसल का नाम राई रायरा लिखवाया है।

उसे सरसों प्रजाति का मान कर ही सरकार खरीदी करेगी। उन्होंने बताया कि पोर्टल में आई दिक्कतों को ठीक कर लिया गया है। जहां किसानों की फसलों के सामने जैसे चना की जगह सरसों सरसों की जगह गेहूं पोर्टल बता रहा था।

तो इसके लिए जिला कलेक्टरों को निर्देश दे दिए गए हैं। वे इस समस्या को दूर करेंगे और किसान आवेदन देकर इसे ठीक करा सकेंगे।

जिले में हुए 48 हजार 943 पंजीयन

जिले में समर्थन मूल्य पर उपज बेचने के लिए अब तक 48 हजार 943 पंजीयन हुए हैं। इसमें

  • चना के 25 हजार 910 पंजीयन,
  • गेहूं के 22 हजार 497 पंजीयन,
  • सरसों के 535 पंजीयन एवं मसूर का एक पंजीयन शामिल है।
  • जबकि जिले में 90 हजार 642 हेक्टेयर में चना,
  • 7.6 हेक्टेयर में मसूर,
  • 2933 हेक्टेयर में सरसाें एवं
  • 96 हजार 606 हेक्टेयर में गेहूं की फसल बोई गई।
  • 1 लाख 17 हजार 617 हेक्टेयर रकबे की फसल पंजीयन हुआ है।

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